मध्य प्रदेश: क्रेन-जेसीबी भी नहीं हिला सकीं खड़े हनुमान की प्रतिमा, अब IIT इंदौर की टीम करेगी जांच

News Desk9 September 20262 min read0 viewsदेश
मध्य प्रदेश: क्रेन-जेसीबी भी नहीं हिला सकीं खड़े हनुमान की प्रतिमा, अब IIT इंदौर की टीम करेगी जांच

उज्जैन: उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के बीच करीब 170 साल पुराने खड़े हनुमान मंदिर की प्रतिमा प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है मंदिर का ढांचा टूट गया, जेसीबी चली, क्रेन लगाई गई और मजदूरों ने पूरी ताकत लगा दी. लेकिन खड़े हनुमान अपनी जगह से टस से मस नहीं हुए। करीब 10 दिन तक कोशिशों के बाद अब प्रशासन ने विशेषज्ञों का सहारा लिया है।

IIT इंदौर की टीम मंदिर पहुंची और करीब दो घंटे तक विशेष उपकरणों से प्रतिमा की गहराई और आसपास की संरचना की जांच की। अब IIT की रिपोर्ट बताएगी कि प्रतिमा जमीन के अंदर कितनी गहराई तक स्थापित है और इसे बिना नुकसान पहुंचाए विस्थापित किया भी जा सकता है या नहीं। पुरातत्व विशेषज्ञों के मुताबिक प्रतिमा करीब 1000 वर्ष पुरानी हो सकती है और संभव है कि इसे पुराने समय की इंटरलॉक तकनीक से स्थापित किया गया हो।

प्रतिमा मालवा क्षेत्र के मजबूत बेसाल्ट पत्थर की बताई जा रही है। यही वजह है कि अब ज्यादा ताकत लगाने से प्रशासन भी बच रहा है, क्योंकि प्रतिमा को नुकसान पहुंचने का खतरा है। इधर भक्तों का दावा है कि यह सिर्फ पत्थर की प्रतिमा नहीं, बल्कि उनकी आस्था का केंद्र है। यहां बच्चों और बीमार लोगों की मन्नतें पूरी होने की मान्यता के चलते भक्त खड़े हनुमान को 'डॉक्टर हनुमान' और मंदिर को 'उज्जैन का एम्स' तक कहते हैं। प्रतिमा के नहीं हिलने को कई भक्त चमत्कार और भगवान का संकेत मान रहे हैं। वहीं हिंदू संगठनों और श्रद्धालुओं ने हनुमान चालीसा का पाठ कर प्रतिमा हटाने का विरोध भी किया। मंदिर का ढांचा हटने के बाद प्रतिमा की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने उसके ऊपर केनोपी यानी टेंट लगाया है।

अब सवाल सिर्फ इतना है- क्या खड़े हनुमान को नई जगह ले जाया जाएगा, या IIT की रिपोर्ट के बाद पूरी कार्रवाई का रास्ता ही बदल जाएगा? फिलहाल सबकी नजर IIT इंदौर की रिपोर्ट पर टिकी है।

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