
भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत 6 महीनों में 14,032 मरीज़ों को साँस संबंधी बीमारियों का कैशलेस उपचार उपलब्ध, ₹37.30 करोड़ के उपचार का ख़र्च कवर
साँस फूलने को अक्सर सामान्य थकान समझकर नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है। लगातार रहने वाली खाँसी को मौसम का असर मान लिया जाता है और घरघराहट (व्हीज़िंग) को तब तक गंभीरता से नहीं लिया जाता, जब तक सीढ़ियाँ चढ़ना भी मुश्किल न हो जाए।


















