उत्तर प्रदेश: वाहन खरीदने में आगे बढ़ीं रायबरेली की महिलाएं, एक महीने में 1,860 नए वाहन हुए रजिस्टर्ड; लेकिन लाइसेंस में पीछे

Aasim1 August 20262 min read0 viewsदेश
उत्तर प्रदेश: वाहन खरीदने में आगे बढ़ीं रायबरेली की महिलाएं, एक महीने में 1,860 नए वाहन हुए रजिस्टर्ड; लेकिन लाइसेंस में पीछे

रायबरेली: जिले में वाहन खरीदने के मामले में महिलाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक महीने में महिलाओं के नाम 1,860 नए वाहनों का पंजीकरण हुआ है। इसमें दोपहिया और चौपहिया दोनों तरह के वाहन शामिल हैं। सड़कों पर महिलाओं की यह बढ़ती रफ्तार उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता और सार्वजनिक आवागमन में बढ़ती भागीदारी का सीधा संकेत है।

​मिशन शक्ति से मिली नई पहचान

​सरकार के 'मिशन शक्ति' अभियान के तहत महिलाएं अपनी पूरी भागीदारी निभा रही हैं। घर-आंगन और खेत-खलिहान से लेकर नौकरी व व्यापार तक अपने हुनर का लोहा मनवा रहीं महिलाएं अब ड्राइविंग में भी खासी दिलचस्पी दिखा रही हैं। शहर हो या ग्रामीण क्षेत्र, हर जगह युवतियां और महिलाएं बाइक, स्कूटी के साथ कार दौड़ाती नजर आ रही हैं।

​नौकरीपेशा और कारोबारी महिलाओं की पहली पसंद

परिवहन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, नौकरी, शिक्षण और व्यवसाय से जुड़ी महिलाएं सफर के लिए अपने निजी वाहनों को तरजीह दे रही हैं। इसी का नतीजा है कि जिले में हर महीने औसतन 2,000 वाहन महिलाओं के नाम खरीदे जा रहे हैं। इसमें सबसे ज्यादा संख्या शिक्षिकाओं और महिला कारोबारियों की है।

18 महिलाओं के पास हेवी व्हीकल लाइसेंस

​आमतौर पर शादी-विवाह के सीजन में महिलाओं के नाम पर कार और बाइक की खरीदारी बढ़ती है, लेकिन ऑफ-सीजन में दर्ज हुए आंकड़े बेहद उत्साहजनक हैं। महिलाओं का एक वर्ग अब व्यावसायिक और भारी वाहन चलाने से भी पीछे नहीं हट रहा है। जिले में 18 महिलाओं के पास भारी वाहन चलाने का पक्का लाइसेंस है। इनमें से कई महिलाएं व्यावसायिक वाहन चलाकर अपने परिवार का संबल बन रही हैं।

वाहन खरीदने की होड़, पर लाइसेंस में अब भी पीछे

​वाहनों की खरीदारी में तो महिलाएं आगे हैं, लेकिन ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के मामले में वे पुरुषों से काफी पीछे हैं। एआरटीओ कार्यालय के अनुसार प्रतिदिन औसतन तीन से चार महिलाएं ड्राइविंग लाइसेंस के लिए टेस्ट देने पहुंचती हैं। टेस्ट में सफल होने पर उन्हें लाइसेंस जारी किया जाता है। एक माह में करीब 70 से 75 महिलाओं को ड्राइविंग लाइसेंस जारी हो रहा है।

क्या कहते हैं अधिकारी?

​ARTO प्रशासन अरविंद यादव बताया कि जिले में दोपहिया से लेकर भारी कमर्शियल वाहन तक महिलाएं चला रही हैं। हर महीने लगभग दो हजार वाहन महिलाओं के नाम पंजीकृत हो रहे हैं, जो एक बेहतरीन जागरूकता है। हालांकि, वाहन खरीदारी की तुलना में लाइसेंस बनवाने में अभी उतनी तेजी नहीं आई है। वाहनों की अपेक्षा केवल 25 फीसदी महिलाएं ही लाइसेंस बनवा रही हैं। जिले में 18 महिलाओं के पास हेवी व्हीकल का भी लाइसेंस है।

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