उत्तर प्रदेश: रायबरेली के डलमऊ में खतरे के निशान के ऊपर गंगा: बाढ़ प्रभावित इलाकों में ग्रामीणों की जिंदगी अब नावों के सहारे

News Desk3 October 20261 min read0 viewsदेश
उत्तर प्रदेश: रायबरेली के डलमऊ में खतरे के निशान के ऊपर गंगा: बाढ़ प्रभावित इलाकों में ग्रामीणों की जिंदगी अब नावों के सहारे

रायबरेली: पर्वतीय और मैदानी इलाकों में लगातार जारी बारिश के कारण रायबरेली के डलमऊ में गंगा का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। शुक्रवार को नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु (98.360 मीटर) को पार कर 98.630 मीटर पहुंच गया। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, एक महीने के भीतर गंगा तीसरी बार इस स्तर को पार कर चुकी है, जिससे नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ का गंभीर खतरा बढ़ गया है।

​रास्तों पर भरा पानी, नावों का सहारा

​जलस्तर बढ़ने से असर अब केवल खेतों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आबादी तक पहुंच गया है। कटरी क्षेत्र के कई गांवों के मुख्य रास्तों और बस्तियों में पानी भरने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। खपरा ताल, पूरे रेवती, पूरे नया, आंबा, पूरे डंगरी, मोहद्दीनपुर, जहांगीराबाद और चकमलिक भीटी समेत करीब एक दर्जन गांवों का संपर्क मार्ग कट गया है। ग्रामीणों को आने-जाने के लिए अब नावों का सहारा लेना पड़ रहा है।

​फसलें बर्बाद, चारे का संकट और संक्रामक बीमारियों की आशंका

​बाढ़ के पानी से किसानों की कमर टूट गई है। करेला और परवल जैसी नकदी फसलों के साथ पशुओं के लिए बोया गया हरा चारा भी जलमग्न हो गया है, जिससे भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। जलभराव के बीच जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा और दूषित पानी से संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ गई है। पशुओं के चारे और सुरक्षित ठिकाने की चिंता ग्रामीणों को सता रही है।

​प्रशासन की पैनी नजर और चौकियां सक्रिय

​एसडीएम प्रीति सिंह ने बताया कि प्रशासन स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है और जलस्तर फिलहाल नियंत्रण में है। एहतियात के तौर पर बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी गई हैं, जहां जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों के ठहरने, सुरक्षा और भोजन के समुचित इंतजाम किए जाएंगे।

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